लॉकडाउन के बावजूद भी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी डोर टू डोर पहुंच रहे हैं गांव गांव एजेंट वसूली पर।
एक तरफ पूरा देश कोरोना महामारी को झेल रहा है और शासन प्रशासन पूरी अलर्ट है और लोगों को लॉक डाउन का सख्ती से पालन करवा रही है उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही किया जा रहा है कोरबा जिला में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है कोरोना महामारी की वजह से लोग दहशत में जी रहे हैं, काम काज पूरी तरह से लॉक डाउन होने से बंद है,। शासन प्रशासन के सारे नियम को ताक में रखकर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर ग्रामीण अंचलों के समूह को इकट्ठा कर मीटिंग कर रहे हैं और ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं।
कैशपार माइक्रो फाइनेंस
छत्तीसगढ़ जिला कोरबा में 13 अप्रैल से पूर्ण लॉकडाउन है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में इन दिनों माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हुए घर घर वसूली के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। आपको बता दें कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी को ग्रामीण बोलचाल की भाषा में हटकी बैंक के नाम से जाना जाता है, ये हटकी बैंक महिलाओ का ग्रुप बनाके लोन देने का काम करती हैं, जिससे बड़ी आसानी से लोन मिल जाने के कारण ग्रामीण भारी संख्या में लोन लेते हैं, बिते दिनों एक ऐसे ही कंपनी, सत्या माइक्रो फाइनेंस, स्पंदना माइक्रोफाइनेंस का कैश पार कंपनी के कर्मचारी कोरबा जिले के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम बरतराई ग्राम डोंगरतराई में घर घर वसूली करते नजर आए।
स्पंदना माइक्रो फाइनेंस
कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया बावजूद इसके वसूली कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि जिला कलेक्टर से इस मामले में बात हो गई है अगर कोई पॉजिटिव आएगा तो उसे हम ₹10000 देंगे इलाज के लिए
प्रशासन को चाहिए कि इस तरह की माइक्रो फाइनेंस कंपनी के लिए गाइडलाइन सुनिश्चित करे, ताकी कोरोना संक्रमण का खतरा कम हो व आर्थिक परेशानी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके।


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